तसवीर सुनहरे ख्वाबों की हो तुम तक़दीर सजीले हाथों की हो तुम तुमसे ही हुआ जीना जीवन सनम तहरीर सुरीले साज़ो की हो तुम । ★★★ @ डॉ. अनिता जैन "विपुला"
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